इसका एक इलाज तो एक दवा है जिसका नाम है दारूए जामेए इमाम रेज़ा, इस दवा को तीन रात, इससे ज़्यादा नहीं केवल तीन रात सौंफ़ के रस के साथ खाया जाए। अलबत्ता इसकी दो शर्तें हैं। एक शर्त तो यह है कि सोने के समय इसे खाया जाए। दूसरी शर्त यह है कि सौंफ़ का रस गर्म हो ठंडा नहीं होना चाहिए गर्म होना चाहिए।
अगर इस दवा को तीन रात खाया जाए तो अस्थमा और सांस फूलने की बीमारी से निजात मिल सकती है।
एक दवा और है जिसे फ़ारसी में काशिम या अंजदान कहते हैं अंग्रेज़ी नाम है Lovage अगर इस वनस्पति को प्रयोग किया जाए तो बहुत फ़ायदा होगा। इसकी पत्ती को सुखा कर पीस लिया जाए और उसे खाया जाए तो बहुत फ़ायदा होगा। मुरक्कबे दो नाम की जो तिब्बे इस्लामी की दवा है वह भी इस बीमारी में बहुत प्रभावी है।